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11 माह के शिशॠके लिठआहार संबंधी सà¥à¤à¤¾à¤µ
जब आपका शिशॠ11 महीने का हो जाता है तो, वह खà¥à¤¦ से खाने योगà¥à¤¯ हो जाता है। आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को बाकी परिवार के जैसा ही खाना दे सकती हैं, बस आपको उसे छोटे टà¥à¤•ड़ों में काट कर देना होगा या फिर थोड़ा सा मसल कर देना होगा ताकी वह उसे अचà¥à¤›à¥‡ से चबा और पचा सके। इसके अलावा, à¤à¥‹à¤œà¤¨ और नाशà¥à¤¤à¥‡ के दौरान शिशॠपर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें और सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि कोई à¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ उनके गले में अटके नहीं।
11 माह के शिशॠके लिठकितना à¤à¥‹à¤œà¤¨ जरूरी है?
11 महीने की उमà¥à¤° में अधिकांश बचà¥à¤šà¥‡ फल, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और मांस के अलावा कई अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार की चीजें खा सकते हैं। तीन बार à¤à¥‹à¤œà¤¨, साथ ही à¤à¤• बार नाशà¥à¤¤à¤¾, फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध या माठका दूध, ये सब कà¥à¤› 11 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ को पà¥à¤°à¤¤à¤¿ दिन मिलना चाहिठ। à¤à¥‹à¤œà¤¨ और नाशà¥à¤¤à¥‡ का समय आपके बचà¥à¤šà¥‡ की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ के साथ-साथ आपकी दिनचरà¥à¤¯à¤¾ पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करेगा।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ à¤à¥‹à¤œà¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾
यह आपके बचà¥à¤šà¥‡ की गतिविधि के सà¥à¤¤à¤° और वृदà¥à¤§à¤¿ के आधार पर निरà¥à¤à¤° करता है कि उसे कितनी à¤à¥‚ख लगती है। आपके बचà¥à¤šà¥‡ को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ लगने वाले à¤à¥‹à¤œà¤¨ की अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार है:
आधा कप अनाज
आधा कप सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
आधा कप फल
दà¥à¤—à¥à¤§ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के 3 बड़े चमà¥à¤®à¤š
मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ अनाज का आधा कप
मांस या अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के 4 बड़े चमà¥à¤®à¤š
कैसे पता करें कि आपका शिशॠपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध ले रहा है?
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को दूध पिलाते समय, कà¥à¤› बातें आपको पेरशान करती होंगी। इसमें यह शामिल होगा कि आपके बचà¥à¤šà¥‡ को हर दिन परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध या फॉरà¥à¤®à¥‚लादूध मिल रहा है या नहीं । यहाठकà¥à¤› तरीके दिठगठहैं जिनसे आप इसका आकलन कर सकती हैं:
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाला शिशà¥:
यदि आपका बचà¥à¤šà¤¾ हर à¤à¥‹à¤œà¤¨ के बाद संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ दिखाई देता है, तो यह à¤à¤• संकेत है कि उसे परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध मिल रहा है।
जब आप निराशा का अनà¥à¤à¤µ करती हैं, तो यह à¤à¤• संकेत है कि नियमित रूप से सà¥à¤¤à¤¨ का दूध फिर से à¤à¤° रहा है।
बचà¥à¤šà¥‡ के मूतà¥à¤° की जांच करें और देखें कि कà¥à¤¯à¤¾ यह सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ और गंधहीन है। अगर à¤à¤¸à¤¾ है तो, यह आपके शिशॠका पेट à¤à¤°à¥‡ होने का संकेत है।
आपका शिशॠनियमित रूप से मल तà¥à¤¯à¤¾à¤—ता है।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीने वाला शिशà¥:
अपने बचà¥à¤šà¥‡ के वजन को पाउंड में माप लें और इसे 2 और 2.5 से गà¥à¤£à¤¾ करें, यह दोनों संखà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ आपके बचà¥à¤šà¥‡ की पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• दिन की आवशà¥à¤¯à¤• दूध की मातà¥à¤°à¤¾ के लिठनिमà¥à¤¨ और ऊपरी सीमा के रूप में मानी जाà¤à¤—ी।
जब आपका शिशॠà¤à¤• साल का होने वाला होता है तो वह फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध को पीना कम करके अधिक ठोस आहार लेने लगता है।
इस बात पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि 24 घंटे की अवधि के दौरान आपका बचà¥à¤šà¤¾ कम से कम 6 डायपर गीले करता है या नहीं।
11 माह के शिशॠके लिठसरà¥à¤µà¤¶à¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥
कम उमà¥à¤° से ही अपने बचà¥à¤šà¥‡ में सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ की आदतों को विकसित करना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। इसलिà¤, किसी à¤à¥€ संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पर नजर रखते हà¥à¤ अपने बचà¥à¤šà¥‡ को सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से परिचित कराà¤à¤‚।
1. फल
फल
यह विटामिन और खनिजों का à¤à¤• बड़ा सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है, फल आपके बचà¥à¤šà¥‡ के दैनिक आहार का अनिवारà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¤¾ होना चाहिà¤à¥¤ सेब से लेकर केले और नाशपाती तक अपने बचà¥à¤šà¥‡ को सब कà¥à¤› खिलाà¤à¤‚।
2. चिकन और मछली
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र, मछली और चिकन आपके बचà¥à¤šà¥‡ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विकास और सामानà¥à¤¯ विकास में बेहद मददगार होता है।
3. चीज़
चीज़ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार जैसे पनीर, चेडर, रिकोटा दैनिक पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की जरूरत को पूरा करने के साथ-साथ आपके बचà¥à¤šà¥‡ के à¤à¥‹à¤œà¤¨ का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ को à¤à¥€ बढ़ा सकते हैं।
4. दालें और अनाज
इस शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ के अंतरà¥à¤—त सब कà¥à¤› आपके 11 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में दिया जा सकता है। अपने बचà¥à¤šà¥‡ के à¤à¥‹à¤œà¤¨ में कà¥à¤› विविधता लाने के लिठअनाज और दालों को अदल बदलकर दें ।
5. दà¥à¤—à¥à¤§ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦
दà¥à¤—à¥à¤§ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ जैसे दही शिशà¥à¤“ं के लिठअचà¥à¤›à¥‡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हैं। केवल गाय के दूध को छोड़कर, जो à¤à¤• वरà¥à¤· की आयॠके बाद ही दिया जाता है।
6. पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, खासकर हरी चीजें जैसे पालक और मेथी विशेष रूप से शिशà¥à¤“ं के लिठफायदेमंद होती हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनमें आयरन की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है।
7. अनà¥à¤¯ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठअचà¥à¤›à¥€ हैं। दिन à¤à¤° में तीन अलग-अलग सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का उपयोग करने की आदत डालें, à¤à¤• समय के à¤à¥‹à¤œà¤¨ में à¤à¤• सबà¥à¤œà¥€ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें ।
8. अंडा
अंडा, विशेष रूप से इसकी जरà¥à¤¦à¥€, इस उमà¥à¤° में शिशà¥à¤“ं के लिठबहà¥à¤¤ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होती है। साथ ही यह उनके खाने और पचाने के लिठà¤à¥€ आसान होता है।
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